समेट लो तुम आज जितनी भी हैं खुशियाँ,
ताकि न रहे कोई गिल़ा तुम्हें ज़िन्दगी से।
एक बार नहीं बार बार मिले तुम्हें ऐसा पल,
ताकि रह न जाये कोई भी ख़ला इस रहगुज़र में।
ख़ुद को डुबा दो कुछ इस तरह खुशियोँ के सागर में,
कि तैर कर बाहर निकलना भी मुश्किल लगे।
कर दो खुश ईश्वर को भी अपने कर्मों से इतना कि,
जो चाहो उसे भी बदलना मुश्किल लगे।
साथ मिले तुम्हें ऐसे हमसफर का,
कि ख़ुदा से कुछ और माँगने की जरूरत न हो।
साथ दे हर कदम पर कुछ इस तरह वो,
कि किसी और को तुमसे कोई शिकायत न हो।
थाम लो इन पलों को अपनी मुट्ठी में कुछ इस तरह,
कि रेत बनकर इनका फिसलना भी मुश्किल लगे।
चढ़ते जाओ तुम उस शिखर पर ज़िन्दगी के,
जहाँ से वापस उतरना भी ज़रा मुश्किल लगे।।
एक बार नहीं बार बार मिले तुम्हें ऐसा पल,
ताकि रह न जाये कोई भी ख़ला इस रहगुज़र में।
ख़ुद को डुबा दो कुछ इस तरह खुशियोँ के सागर में,
कि तैर कर बाहर निकलना भी मुश्किल लगे।
कर दो खुश ईश्वर को भी अपने कर्मों से इतना कि,
जो चाहो उसे भी बदलना मुश्किल लगे।
साथ मिले तुम्हें ऐसे हमसफर का,
कि ख़ुदा से कुछ और माँगने की जरूरत न हो।
साथ दे हर कदम पर कुछ इस तरह वो,
कि किसी और को तुमसे कोई शिकायत न हो।
थाम लो इन पलों को अपनी मुट्ठी में कुछ इस तरह,
कि रेत बनकर इनका फिसलना भी मुश्किल लगे।
चढ़ते जाओ तुम उस शिखर पर ज़िन्दगी के,
जहाँ से वापस उतरना भी ज़रा मुश्किल लगे।।
--मनीषा--

2 comments:
yaar bate to badi achi likhi hai aur inspiring bhi kya tum khud in bato pe amal karti ho yaar chahte to hum sabhi hai khus rehna ya un palo ko kaid kar lena par kash k esa ho pata shayad hum sabhi kismat ke hanth ki kathputliya ban k reh gae hai
i know u'll not like my comment but what can i do i m facing this reality
You should know I like the reality of this life. I always respect others feelings and it is not necessary to give good comment only, you may write which you want.... I know that I am not much lucky that I could have all happiness but one thing is that I am happy with little....but like I others I am also little selfish that's why I wish to get all but.......
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