Wednesday, 25 May 2011


स्वागत है उन बहारों का,
जो आयी है आज की सुबह।

स्वागत है उन खुशियों का,
जो रहेगीं साथ तुम्हारे सदा।

स्वागत है उस हिम्मत का,
जो रोज़ थोङी थोङी तुममे आती है।

स्वागत है उस धैर्य का,
जिससे दुनियाँ जीती जाती है।

स्वागत है उस रास्ते का,,
जो तुम्हें मंजिल तक ले जायेगा।

स्वागत है उस विश्वास का,
जो तुम्हें हर डर से बचायेगा।

स्वागत है हर उस वर्ष का,
जो तुम्हें समझदारी की दुनियाँ में ले जायेगा।

स्वागत है उन खुशियों भरे पल का,
जो तुम्हें हमारी याद दिलायेगा।

--मनीषा साहू 'पंछी'--

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