Wednesday, 26 October 2011

शुभ दीपावली....!!


शुभ हो दीपावली आपकी,
हर दिन दीपावली सा शुभ हो॥

पूरी हो हर मनोकामना,
गणपति का रहे आशीष सदा।
हर दु:ख से मुक्ति मिल जाये,
खुशियोँ की चले बयार सदा॥

रौशन दीपकों की तरह,
जीवन भी रौशन हो जाये।
दु:ख के अँधियारे को अलौकिक,
बस एक किरण तो मिल जाये॥

लक्ष्मी का रहे निवास सदा,
धन-धान्य से झोली भर जाये।
मन में सरस्वती का वास रहे,
बस ज्ञान ही हर ओर बिखर जाये॥

मीठे पकवानों जैसा,
जीवन भी मीठा हो जाये।
हर्ष और उल्लास रहे,
ये पर्व सुनहरा हो जाये॥

                 --मनीषा--

Tuesday, 11 October 2011

 
हर दिन हो एक खुशनुमा सवेरा,
रोशनी हो बिखरी न हो कहीं अन्धेरा।
न चले अब कभी ग़म की कोई आँधी,
हर तरफ हो बस खुशियोँ का बसेरा॥

सच की जीत हो हमेशा,
और झूठ को प्रायश्चित मिले।
प्रेम का अस्तित्व रहे सदा,
न बैर का कोई फूल खिले॥

रंग, भेद, जाति और धर्म की,
मिट जायें सारी दीवार।
रह जाये इस जग में केवल,
प्रेम, समर्पण और सदाचार॥

सात रंग से रंगा ये जीवन,
सात सुरों सा अविरल बहे।
सात वचन से जुङा हर रिश्ता,
सात जन्म तक साथ रहे॥

क्या खोया क्या पाया किसने,
इस सोंच से हम रहे परे।
छोटी सी आहट भी खुशियोँ की,
मुस्कान बनकर होंठो पर रहे॥

न हो पीढ़ा कि क्या खोया हमने,
न ही उसका कोई विषाद रहे।
इस बार तो हासिल होगा वो,
बस दिल में एक उन्माद रहे॥

कर ले चाहे कोई लाख जतन,
न तोङ सके तेरे मन को।
इस बार भी कर कुछ ऐसा तू,
तू दुनियाँ का सरताज रहे॥

                      --मनीषा--