Thursday, 5 September 2013

शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनायें...!!

सृष्टि का सन्चार शिव है,
गुरु है ज्ञान का आधार।
तप से मैं शिव को पा तो लूँ,
पर बिन गुरु कैसे हो ये साकार॥

पहला गुरु माँ को बतलाकर,
गुरु ने माँ को सम्मान दिया।
दूजा गुरु जिसने जग का भेद बताकर
सत्य असत्य का ज्ञान दिया॥

गुरु ही है जिसने ज्ञान पर अपने,
कभी नही अभिमान किया।
गुरु ही है जिसने तप से अपने,
दूर अज्ञान का अन्धकार किया॥


गुरु की महिमा है अपरमपार,
गुरु से ही जीवन्त है ये संसार।
जो गुरु ईश्वर का मार्ग दिखाये,
ऐसे गुरु को है मेरा नमस्कार॥


    --मनीषा साहू 'पंछी'--

5 comments:

Anand murthy said...

nice one...................congratulations..

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Unknown said...

बहुत सुन्दर...बाकी सब तो ठीक है.. मगर आप पंक्षी कब बनी...

MS said...

धन्यवाद जी....बहुत दिनों से कोई नाम ढूंढ रहे थे मिल गया तो बन गये पंछी.....

प्रसन्नवदन चतुर्वेदी 'अनघ' said...

बहुत सुंदर और उम्दा अभिव्यक्ति...बधाई...

MS said...

धन्यवाद जी....!!