रिमझिम रिमझिम बूँदें लाया,
ये बारिश का मौसम।
कितना अदभुत् कितना प्यारा,
बस यही कहे मेरा मन।
जब भी आती है बारिश,
मन खुशियों से भर जाता है।
पानी की कोमल बूँदों सा
मेरा दिल हो जाता है।
जब बरसे घनघोर घटायें,
सङके, गलियाँ सब भर जाये।
तब मैं और मेरे साथी मिलकर,
उस पर कागज की नाव चलाये।
सङको पर जाते भीगे लोग,
कुछ ठिठुरते तो कुछ मस्ती में।
पर मेरा मन तो लगा है केवल,
तैर रही उस कागज की कश्ती में।
सबके मन को है भाये,
ये गर्मी ठण्डी का संगम।
ठण्डक का एहसास कराता,
ये बारिश का मौसम।
कितना अदभुत् कितना प्यारा,
बस यही कहे मेरा मन।

1 comment:
nice............i really felt barish while reading.....!!!
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